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हाईवे किनारे गालूडीह में जमीन प्लाटिंग करने से भुमिज समाज के जाहेरथान का प्रवेश मार्ग बंद, समाज के आक्रोशित लोग बड़े आंदोलन की बना रहे रणनीति  भूमिज समाज और घाटशिला के जमीन माफिया हुए आमने-सामने

घाटशिला : रघुनाथ सिंह जैसे प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानियों के लिए मशहूर भूमिज समाज के अस्तित्व पर अब घाटशिला के भूमि माफियायों ने करारा प्रहार किया है। हाईवे पर गालूडीह ओवर ब्रिज के ठीक सामने एक प्रसिद्ध दिवंगत डॉक्टर की जमीन पर प्लाटिंग का काम चल रहा है।
जिसमें आदिवासी भूमिज समाज के जाहेरस्थान के रास्ते को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इस मामले में घाटशिला के जमीन माफियाओं का एक संयुक्त गिरोह पूरी तरह काम कर रहा है।
जिसने लोकतंत्र के स्तंभों को पूरी तरह जकड़ लिया है। इस मामले में एक शराब विक्रेता, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के प्रहरी के साथ-साथ सामाजिक संस्था के सदस्य भी शामिल है। यह जमीन जमशेदपुर के डॉक्टर द्वारा खरीदी गई थी जिनका घाटशिला से आत्मीय नाता रहा है और यह जमीन उन्होंने कथित तौर पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए खरीदी थी।
इस निर्माण से पूर्व जमशेदपुर के डॉक्टर द्वारा कई मेडिकल कैंप कराए गए थे। जहां ग्रामीणों से इस बात का भरोसा लिया गया था। मिली जानकारी के अनुसार इस डॉक्टर ने ही भूमिज समाज को भरोसा दिलाया था कि जब वह निर्माण करेंगे तो भूमिज समाज के जाहेर स्थान को रास्ता जरूर देंगे, लेकिन उनके निधन के बाद इस जमीन पर नजर घाटशिला के भू- माफियाओं की पड़ गई और अब इस जमीन को गलत तरीके से प्लाटिंग करके बेचा जा रहा है।
जमीन प्लाटिंग को लेकर सरकारी मानकों का भी इसमें पूरी तरह उल्लांघन किया गया है। विशेष रूप से पंचायती राज क्षेत्र में जो नियम जमीन प्लाटिंग के लिए लागू होते हैं, उसमें किसी भी प्रकार का नियम का पालन इस प्लाटिंग के दौरान नहीं किया गया। इसके अलावा हाईवे से सटे आयरन की रेलिंग को भी तहस-नहस करके बिना अनुमति के इसे हटा दिया गया, जिससे प्लाटिंग का रास्ता तैयार हो सके।
इस मामले को लेकर भुमिज समाज के लोगों में तीखा आक्रोस व्याप्त है और वह जल्द ही किसी बड़े आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार एक बड़ी बैठक हो भी चुकी है। समाज के लोगों ने बताया की हमारे जाहेर स्थान के आगे घेराबंदी पूरी तरह गलत है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत जिला परिषद अध्यक्ष और जिले के उप विकास आयुक्त से लिखित तौर पर कर चुके हैं।
घाटशिला अंचल को भी इसकी जानकारी दी जा चुकी है लेकिन अभी तक इन जमीन माफियायों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अब ग्रामीण इस मामले को लेकर जिले और प्रदेश स्तर के वरिय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और आगे की रणनीति बनाएंगे।

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Author: Tehelka News

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